Car Insurance क्यों है जरुरी ?

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आमतौर पर लोग कार या मोटरसाइकिल खरीद लेते हैं लेकिन इनका इंश्योरेंस कराने से कतराते हैं। ज्यादातर खरीददार मोटर बीमा को एक खर्चा मानते हैं और अपनी गाड़ी के लिए बीमा नहीं लेते हैं। इसका एक बड़ा नुकसान यह होता है अगर किसी दुर्घटना में गाड़ी खराब हो जाए तो उसका खर्च उठाने के लिए ग्राहक के पास बीमा नहीं होता है।

ऑटो एक्सपर्ट मानते हैं कि गाड़ी की बीमा करा लेना जरूरी होता है, इससे आपातकाल के समय इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि मोटर व्हीकल कानून लागू होने के बाद गाड़ी की बीमा कराना जरूरी हो गया है नहीं तो आपको भारतीय सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए दो हजार रुपये हर्जाना या तीन साल की सजा हो सकती है। 

आइए जानते हैं क्या है यह थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी और ऑन-डैमेज कंट्रोल.

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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

इसके तहत आपकी गाड़ी से सड़क से किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति या प्रॉपर्टी के तहत हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाता है. इसी पॉलिसी से आप पर बन रही देनदारियों का निपटारा होता है. कार वालों के लिए तीन साल और टू-व्हीलर के लिए पांच साल का थर्ड पार्टी कवर लेना जरूरी होता है.

ओन-डैमेज इंश्योरेंस

इससे सिर्फ गाड़ी को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है. इरडा के नियमों के मुताबिक गाड़ी में अपने-आप लगने वाली आग, बिजली गिरने, भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की दशा में इस बीमा से जोखिम कवरेज होता है. चोरी-डकैती या आतंकवादी वारदातों से होने वाले नुकसान से भी इसके तहत कवरेज होता है.थर्ड पार्टी बीमा के साथ जब Own Damage Policy भी एक ही पैकेज में शामिल करके ली जाती है तो उसे कॉम्प्रिहैन्सिव पॉलिसी कहते हैं. ऐसी पॉलिसी से अन्य व्यक्ति व वाहन को नुकसान के साथ-साथ आपके वाहन को हुए नुकसान की भी भरपाई एक ही पॉलिसी से हो जाती है.

कार दुर्घटना में गाड़ी चलाने वाले को हुए शारीरिक नुकसान को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर करता है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की तरह इसे भी लेना अनिवार्य है. इसमें इसमें चालक और सामने वाली सीट पर बैठे दूसरे व्यक्ति के अलावा अन्य पैसेंजर्स को भी शामिल किया जा सकता है. हादसे में अगर कार चलाने वाली की मौत हो जाती है या स्थायी विकलांगता की स्थिति में उसे या उसके परिवार वालों को मुआवजा मिलता है. भारत में मोटर इंश्योरेंस के साथ व्हेकिल मालिक या ड्राइवर और साथ में बैठे व्यक्ति के लिए न्यूनतम 15 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा लेना अनिवार्य है.

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