जब Lata Mangeshkar को दिया गया जहर, तो खाना चखकर खिलाते थे मजरूह सुल्तानपुरी!

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नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिकालता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपनी शानदार आवाज से लंबे समय तक दर्शकों के दिलों को जीता है। उनकी खूबसूरत आवाज के दुनिया भर में दीवाने हैं। फिलहाल उनकी तबीयत नासाज है और इलाज पर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 33 साल की उम्र में स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को जान से मारने की कोशिश की गई थी। उन्हें जहर दिया गया था,जी हां…

जानें स्वर कोकिला लता मंगेशकर का हाल

स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) पिछले 14 दिनों से मुंबई के ब्रीचकैंडी अस्पताल में एडमिट हैं। उन्हें कोरोना पॉजिटिव और निमोनिया होने के बाद 8 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फैंस उनके जल्दी से ठीक होने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।

लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) अब तक अलग-अलग भाषाओं में 30 हजार से ज्यादा गाने गा चुकी हैं। हालांकि, लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के लिए यहां तक पहुंचने का सफर इतना आसान भी नहीं था।

बता दें कि लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) जब 33 साल की थीं, तब उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। लता की करीबी मित्र पद्मा सचदेव की किताब ‘ऐसा कहां से लाऊं’ में भी इस बात का जिक्र है। यह घटना 1963 की है, जब लताजी को लगातार उल्टियां हो रही थीं। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि उन्हें धीमा जहर दिया गया है।

हालांकि, बाद में खुद लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने इस कहानी के पीछे से पर्दा हटाया था। लताजी ने एक बातचीत में कहा था- हम मंगेशकर्स इस बारे में बात नहीं करते। क्योंकि यह हमारी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। मुझे इतनी कमजोरी महसूस होने लगी थी कि मैं बिस्तर से बड़ी मुश्किल से उठ पाती थी।

जब लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) से पूछा गया था कि क्या ये सच है कि डॉक्टर्स ने उन्हें कह दिया था कि वे दोबारा कभी नहीं गा पाएंगी? इसके जवाब में लताजी ने कहा- ये बात सही नहीं है। ये एक काल्पनिक कहानी है, जो मुझे दिए जाने वाले धीमे जहर के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का परिवार

बता दें कि लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) 5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। लता के अलावा उनकी बहनें मीना, आशा, उषा और भाई हृदयनाथ मंगेशकर हैं। महज 5 साल की उम्र से ही लता ने गाना सीखना शुरू कर दिया था, क्योंकि पिता दीनदयाल रंगमंच के कलाकार थे। लता को संगीत की कला विरासत में मिली थी।

लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का जन्म

28 सितंबर, 1929 को इंदौर में एक मध्यमवर्गीय मराठा परिवार में जन्मी लता (Lata Mangeshkar) का नाम पहले ‘हेमा’ था। हालांकि जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम ‘लता’ रख दिया था। साल 2011 में लता जी ने आखिरी बार ‘सतरंगी पैराशूट’ गाना गाया था, उसके बाद से वो अब तक सिंगिग से दूर हैं।

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