तिनगुड़ी हत्याकाण्ड-आमरण अनशन करने पर विवश हुए मृतक के परिजन

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ठिठुरन भरी ठण्ड में मृतक के परिजन व ग्रामीण कलेक्ट्रेट के सामने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कर रहे आमरण अनशन


अनोखी आवाज। तिनगुड़ी हत्याकाण्ड के मामले में मृतक अम्ब्रेश प्रजापति के परिजन उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराये जाने को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने दो दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। पीडि़त परिजनों के साथ दर्जनभर ग्रामीण अनशनरत के रूप में सहयोग कर रहे हैं।गौरतलब हो कि तिनगुड़ी पुलिस चौकी के चंद कदम दूर किराना दुकान के व्यवसायी अम्ब्रेश प्रजापति पिता रामबरन प्रजापति की 24-25 दिसम्बर की दरम्यानी रात धारदार हथियार से हमला करते हुए हमलावरों ने मौत की नींद सुला दिया था।

इस मामले में सरई व तिनगुड़ी चौकी पुलिस ने दो सगे भाईयों को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा कर रही है, लेकिन यह बात मृतक के परिजनों के गले सेे नहीं उतर रही है। मृतक के माता-पिता व पत्नी सहित अन्य परिजनों का आरोप है कि अम्ब्रेश की हत्या राजनीति के चलते हुई है। एक पूर्व मंत्री का हाथ है। परिजनों ने मांग की है कि हत्या के संबंध में जिला प्रशासन उच्च स्तरीय जांच, सीआईडी, सीबीआई, एसटीएफ या न्यायिक जांच करायी जाये। यदि जिले के पुलिस अधीक्षक उच्च स्तरीय जांच नहीं कराते हैंं तो हम परिजन न्याय न मिलने की दशा में आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी यहां के पुलिस प्रशासन की होगी। परिजनों का आरोप है कि अभी तक उक्त हत्याकाण्ड की जो जांच विवेचना की गयी है हम उससे संतुष्ट नहीं है। पुलिस साक्ष्य मिटाने के लिए हर संभव प्रयास की है और उसमें सफल रही है। इसलिए सिंगरौली पुलिस की जांच पर कतई भरोसा नही है।

कलेक्टर,एसपी से मिले मृतक के परिजन,वार्ता विफल


पुत्र की हत्या के गुनहगारों को कठोर सजा मिले और मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी हो। इसके लिए अम्ब्रेश का परिजन न्याय के लिए कलेक्टोरेट भवन दरवाजे के चंद कदम दूर अन्न, जल त्यागकर आमरण अनशन कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि इस हत्याकाण्ड में मुख्य अपराधी एक पूर्व मंत्री व उनके गुर्गों को बचाने के लिए पुलिस लगी हुई है। आज देर शाम मृतक के परिजन कलेक्टर एवं एसपी से मुलाकात किये। जहां आधा घण्टा तक परिजन स्थानीय पुलिस की एक-एक कमियों से सिलसिलेवार अवगत कराते रहे। अंत में एसपी ने कहा कि जिस पर शक हो प्रमाण के साथ जानकारी दें हर हाल में जांच होगी। दोषियों को बक्सा नहीं जायेगा। वहीं तिनगुड़ी चौकी प्रभारी के विरूद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गयी इस पर भी सवाल दागा। कलेक्टर,एसपी के आश्वासन के बावजूद अनशन तोडऩे के लिए तैयार नही हैं।

आमरण अनशन से पुलिस की हो रही किरकिरी


कलेक्ट्रेट के सामने आमरण अनशन करने से इन दिनों चौपट कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की किरकिरी खूब होने लगी है। बेहतर कानून व्यवस्था की दोहाई देने वाली भाजपा सरकार व जिले की पुलिस की एक पखवाड़े के अंदर ऐसी कलई खुली की अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गयी हैं। बताया जा रहा है कि इसकी चर्चा भोपाल तक होने लगी है। आखिर एक पखवाड़े के दरमियान आधा दर्जन हत्या होना कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। सभी हत्याओं का खुलासा करने के बाद पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन लुंज-पुंज कानून व्यवस्था एवं सक्रिय सीकेडी का मामला अब जोर पकडऩे लगा है।



इनका कहना है
मृतक के परिजन आज मिलने आये थे। उनसे सभी बिंदुओं वृहद चर्चा हुई है। आश्वस्त किया गया है कि उक्त मामले में न्याय होगा।
वीरेन्द्र सिंह,एसपी,सिंगरौली

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