Monday, January 30, 2023
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Sonbhadra News: लाखों के शौचालय घोटाले में दो सेक्रेट्री सहित तीन पर FIR, जांच में सामने आया सच

Sonbhadra News: धूमा ग्राम पंचायत में शौचालय घोटाले में दो सेक्रेटरी और धूमा प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा सरकारी धनराशि के गबन के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

Sonbhadra News: मंडलायुक्त से मिले निर्देश पर हुई जांच में दुद्धी ब्लाक (Duddhi block) के धूमा ग्राम पंचायत में सामने आए 29.59 लाख के शौचालय घोटाले में दो सेक्रेटरी और धूमा प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा सरकारी धनराशि के गबन के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है। एडीओ पंचायत दुद्धी समरबहादुर सिंह की तहरीर पर विंढमगंज पुलिस (Windhamganj Police) ने शुक्रवार की देर रात मामला दर्ज किया।

मामले की जांच क्षेत्राधिकारी दुद्धी आशीष मिश्रा को सौंपी गई है। इस कार्रवाई से जहां जिला पंचायत राज महकमे में हड़कंप की स्थिति है। वहीं घपलों से जुड़े अन्य मामलों में भी संबंधितों को बड़ी कार्रवाई का डर सताने लगा है। इससे पूर्व आरोपी दोनों सेक्रेटरियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं गबन राशि के रिकवरी को लेकर विभागीय प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

ऐसे सामने आया पूरा घोटाला

गत 18 जून को दुद्धी में तहसील समाधान दिवस पर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा से ग्रामीणों ने धूमा में शौचालय घोटाले की शिकायत की। मंडलायुक्त ने डीपीआरओ को निर्देश दिया। डीपीआरओ, एडीपीआरओ, एडीपीआरओ तकनीकी और जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की मौजूदगी वाली टीम ने जांच की। पाया कि 230 शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बगैर, प्रति शौचालय 12 हजार की दर से 27.60 लाख निकाल लिया गया।

शौचालय के नाम पर एक लाख 99 हजार पांच सौ की अतिरिक्त निकासी मिली। इस धनराशि से भी किसी शौचालय के निर्माण का साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। पूरी जांच के बाद 29 लाख 59 हजार पांच सौ के गबन की पुष्टि हुई। गबन के लिए प्रधान रामप्रसाद यादव, पंचायत सचिव उमेश चंद्र और चांदनी गुप्ता की जिम्मेदारी तय की गई। दो जुलाई को उमेश चंद्र और चार जुलाई को चांदनी गुप्ता को निलंबित किया गया।

विंढमगंज पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी

पांच जुलाई को डीपीआरओ विशाल सिंह की तरफ से दुद्धी ब्लाक पर एफआईआर कराने का निर्देश भी भेज दिया गया। लगभग 17 दिन तक यह आदेश ब्लॉक की फाइलों में उलझा रहा। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तब 22 जुलाई को विंढमगंज पुलिस को तहरीर उपलब्ध कराई गई। एडीओ पंचायत की तहरीर पर रात लगभग 10 बजे दोनों सेक्रेटरी और प्रधान के खिलाफ धारा 409 आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात व 13 के तहत मामला दर्ज कर विंढमगंज पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।

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