singrauli news जैन ने करोडपतियों को दिया पीएम आवास…?

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पीएम आवास आबंटन में आ रहीं बडे घोटाले की बू,उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग


आयुक्त भी मौन,नेताओं से गठजोड

मुद्दे की बात-नीरज द्विवेदी के साथ


अनोखी आवाज सिंगरौली singrauli news। देष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना पीएम आवास योजना पर नगर पालिक निगम सिंगरौली के अधिकारी पलिता लगा रहें है। योजना तो ऐसे गरीबों के लिए थी जिनके उपर छत नहीं है लेकिन अधिकारी इस योजना को अच्छे से समझ नहीं पाए लिहाजा करोडपतियों को आवास की चाबी थमा दी..? सूत्र तो यहां तक बताते है कि पीएम आवास योजना में जमकर बंदरबांट हुई हैं। जिस मकान का दर दो से ढाई लाख था महज वह मकान 8 से 10 लाख में बिका है,हलांकि इस बात को लेकर कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है लेकिन आम जनमानस में पीएम आवास के खरीद फरोख्त चर्चा का विषय बना हुआ है ।और नगर निगम के कार्यपालन यंत्री आरके जैन सुर्खिंयों में है। सूत्रों की माने तो उक्त गोलमाल की जानकारी आयुक्त महोदय को भलिभांति हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर न जाने क्यों आयुक्त आरपी सिंह की कलम की स्याही सुख जाती है।

जैन को हटाओं नगर निगम बचाओं..?
अपनी मनमानी और बडबोलेपन के कारण सुर्खिंयों में बने रहने वाले आरके जैन से आम जनमानस इस कदर त्रस्त है कि हटाने को लेकन आन्दोलन प्रर्दशन करने को विवश है। जैसा कि बिते दिवस नगर निगम के गेट के सामने देखने को मिला। आम जनमानस खुले आम गेट के सामने खडे होकर नारा लगा रहें है कि आरके जैन हटाओ नगर निगम बचाओं लेकिन एसी में बैठे आयुक्त महोदय के कान में जु नही रेंग रहा है। लिहाजा आरके जैन अपनी मनमानी कर गरीबों के हक पर डाकां डलवा रहा है..?

करोडपतियों के हाथ में अवास की चाबी…? ,उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग


जो आवास गरीबों को मिलने तो वों तो अमीरों को आबंटित कर दियें गये। लेकिन जिला प्रशासन के आला अधिकारी सब जानते हुए भी मौन धारण किये हुए हैं। इसके पीछे की क्या वजह हो सकती है यह तो वहीं बताएंगे लेकिन एक बात तो तय है कि बिना नेताआ के गठजोड के कुछ भी संभव नहीं है। लिहाजा बुद्वजीवियों ने मामले के उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जांच के बाद ही दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है। लेकिन फिलहाल तो नगर निगम का अधिकारी जैन सुर्खियों में है कभी किसी को पति की कसम देता है तो किसी को और कुछ का लालज। लेकिन एक कहावत तो सुने होगे बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएंगी।

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