सिंगरौली- नगर निगम उपयंत्री प्रवीण गोस्वामी की डिग्री को लेकर फिर उठे सवाल

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पद दुरूपयोग व संपत्ति को लेकर सुर्खियों में गोस्वामी,मामला पहुचा भोपाल

ब्यूरो कार्यालय सिंगरौली-9827684220

अनोखी आवाज़ सिंगरौली। भ्रष्ट्राचार व कमीशनखोरी के लिए आये दिन सुर्ख़ियो में बने रहने वाले नगर पालिक निगम सिंगरौली के अधिकारी-कर्मचारी न जाने कब अपनी हरकतों से बाज आएंगे। इन दिनों ऐसे ही कुछ हरकतों के कारण पुनः नगर निगम लोगो की नजर में आया है। मामला नगर निगम में पदस्थ उपयंत्री प्रवीण गोस्वामी से जुड़ा है। चर्चा है कि इनकी डिग्री फर्जी है और अनुकंपा नियुक्ति भी गलत ढंग से हुई है। हालांकि यह विवाद वर्षो से चला आ रहा है लेकिन ननि के जिम्मेदार कार्यवाही करने से कतरा रहे है। किंतु इस बार यह मसला भोपाल तक जा पहुचा है और जानकारों का मानना है कि कार्यवाही होना तय है।

फ़ाइल फ़ोटो,अनोखी आवाज़

मामले पर एक नजर

भोपाल पहुची शिकायती पत्र में दर्शाया गया है कि वर्ष 2002 में समयपाल की शैक्षणिक योग्यता में 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ विषय होना अनिवार्य था, परंतु प्रवीण गोस्वामी ने दसवीं कक्षा में मैथ विषय को दर्शाया, जबकि 12वीं में फिजिक्स केमिस्ट्री एवं बायोलॉजी से उत्तीर्ण थे। जबकि नियमानुसार फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ विषय होना अनिवार्य था। अतः समय पालपद की पात्रता न रखते हुए भी कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर समय पाल पर अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की।

इतना ही नहीं आगे पत्र में दर्शाया गया है कि ऐसे उम्मीदवार यद्यपि जो तकनीकी सेवा में है परंतु उनकी सेवा आवेदित पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं है, अथवा जिनकी सेवा में प्रोन्नति का व्यवसाय प्रगति का संबंध के अनुरूप नहीं है,उनको प्रवेश की पात्रता नहीं होगी।उस तथ्य को छुपाकर स्वयं के द्वारा हस्तलिखित दस्तावेज प्रमाण पत्र तैयार कर डिप्लोमा (विद्युत)प्रवेश किया। हालांकि पत्र अभी सार्वजिनक नही हुआ है लेकिन फिर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि लगाए गए आरोपी कितने सत्य है यह तो जांच का विषय है,लेकिन फिलहाल तो प्रवीण गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है।

प्रवीण गोस्वामी की बड़ी मुश्किलें

अपने कार्यप्रणाली को लेकर आये दिन सुर्ख़ियो में बने रहने वाले प्रवीण गोस्वामी एक बार पुनः अपनी डिग्री,योग्यता और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सुर्खियों में है। सूत्र बताते है कि उक्त मामले की जानकारी नगर निगम कमिश्नर को भी बखूबी है लेकिन न जाने किन कारणों से कान में तेल डाले बैठे है। हालांकि इस बार श्री गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है,अब देखना यह होगा कि कार्यवाही कब तक होती है।

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