SINGRAULI- खाद वितरण में घोर लापरवाही,भोर में लगना पड़ता है लाइन में

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खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर किसान,महिलाएं भी हो रही परेशान

अनोखी आवाज़ सिंगरौली। मप्र की शिवराज सरकार लगातार दावे कर रही है कि किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जायेगी। खाद वितरण केन्द्रों में खाद की कमी नहीं होने दी जायेगी परन्तु सिंगरौली जिला मुख्यालय मेेंं इससे उलट देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय वैढ़न में पिछले कुछ दिनों से खाद का वितरण किया जा रहा है जहां किसानों को सुबह से लेकर शाम तक जबरर्दस्त भीड़ देखी जा रही है। वृद्ध किसान, महिलाएं, स्कूली छात्राएं, शासकीय कर्मचारी तक सुबह से लेकर शाम तक खाद वितरण केन्द्र में लाईन में लगे देखे जा सकते हैं।  अव्यवस्था का कारण जो भी हो परन्तु इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। दूर दराज से आये किसान पूरे दिन लाईन में लगे रहते हैं अंत में थक हारकर अपने घर को वापस होने को मजबूर हो जाते हैं। 

एक किसान को मिल रही मात्र एक बोरी खाद

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खाद वितरण केन्द्र में उमड़ी भीड़ के पीछे का कारण यह है कि यहां पर एक किसान को एक ही बोरी खाद प्रदान की जा रही है। दावे तो किये जा रहे हैं कि खाद वितरण केन्द्रों में खाद की कोई कमी नहीं है परन्तु हकीकत यह है कि यहां एक किसान को एक दिन में एक ही बोरी खाद प्रदार की जा रही है। इसका खामियाजा यह हुआ कि जिस किसान को दस बोरी खाद की जरूरत है वह लगातार दस दिन तक लाईन लगायेगा या अपने परिवार के हर सदस्य को खाद वितरण केन्द्र में लाकर लाईन में खड़ा करेगा तब जाकर उसे उसकी जरूरत के हिसाब से खाद मिल पायेगी। कहा तो यह भी जा रहा है कि उक्त खाद वितरण केन्द्र में अंगुठा लगाने के लिए एक ही मशीन रखी हुयी है जिस कारण एक दिन में ३ सौ से साढ़े तीन सौ लोगों को ही खाद का वितरण हो पा रहा है। 

महंगे दामों में खाद खरीदने को मजबूर हैं किसान

खाद वितरण केन्द्र में लगी जबरदस्त भीड़ को देखकर जो किसान पहले ही अपने शस्त्र डाल देता है उसका फायदा प्राइवेट खाद के विक्रेता उठाते हैं। प्राइवेट खाद के विके्रता उसी खाद को महंगे दामों में बेचते हैं और महंगाई की मार से जूझ रहे किसानों को एक और झटका खाद खरीदी में लगता है। 

जिले में संचालित हैं ३९ समितियां

मिली जानकारी के अनुसार जिले में खाद वितरण के लिए ३९ समितियां संचालित हैं जहां खाद का वितरण होता है। परन्तु जिला मुख्यालय पहुंचे किसानों का कहना है कि इन समितियों में खाद का आभाव है इसलिए उन्हें सैकड़ो किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचकर खाद लेना पड़ता है। 

खाद वितरण केन्द्र में शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं

जिला मुख्यालय में संचालित खाद वितरण केन्द्र में किसान सुबह से लेकर शाम तक लाईन में लगे रहते हैं परन्तु उक्त खाद वितरण केन्द्र में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और ना ही शौचालय की व्यवस्था है। कई बार भीड़ बेकाबू हो जाती है इससे निपटने के लिए यहां नियमानुसार पुलिस की तैनाती होनी चाहिए परन्तु यहां न तो कोई पुलिस विभाग का कर्मचारी रहता है और ना ही किसी गार्ड की तैनाती रहती है। इसका नतीजा यह होता है कि खाद वितरण केन्द्र में आये दिन मारपीट की नौबत आ जाती है और जमकर नोंक झोंक होती है। 

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