मध्य प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को दिए शरबती गेहूं का क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश

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मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग के अधिकारियों से शरबती गेहूं (Sharbati Wheat) का क्षेत्र बढ़ाने को कहा है. यह मध्य प्रदेश की पहचान है. इसलिए इसका क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास हों. स्वायल टेस्टिंग लैब को प्राथमिकता के साथ शुरू किया जाए. उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर में हम देश में नम्बर वन हैं. इनका संचालन ठीक ढंग से हो. मध्य प्रदेश के सीहोर, होशंगाबाद, हरदा, अशोक नगर, नरसिंहपुर, भोपाल और मालवा के बड़े रकबे में शरबती गेहूं की खेती होती है.

मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को कृषि विकास की समीक्षा कर रहे थे. इस मौके पर प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल भी मौजूद रहे. चौहान ने वर्ष 2022 के विभागीय विजन की जानकारी ली. उन्होंने फसलों के विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और मोटे अनाजों को बढ़ावा देने, कृषि निर्यात को बढ़ावा देने एवं कृषि में आधुनिक तकनीकी का उपयोग करने के निर्देश दिए.

कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दें

चौहान ने कहा कि कृषि निर्यात के लिए मिशन मोड में जुट जाएं. रोडमैप बनाकर कार्य करें. नरवाई जलाने की घटनाओं को प्रदेश में कम किया गया है. ऐसी घटनाओं को पूरी तरह नियंत्रित करें. उन्होंने कहा कि “एक जिला-एक उत्पाद” योजना में बेहतर कार्य करें. कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दें. फसल उत्पादन का आकलन और गुणवत्ता का पता लगाने के लिए कार्य करें.

सीएम ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं हो. अगले साल के लिए भी अभी से प्लान कर लें. मांग आधारित कृषि को बढ़ावा दें. प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा दिया जाए. देश और धरती को बचाने के लिए जैविक खेती जरूरी है. जैविक खेती में मध्य प्रदेश देश में नंबर वन है. इसे बनाये रखने की जरूरत है. जैविक खेती का रकबा 17.31 लाख हैक्टेयर है. संभावनाओं का पता लगाकर निर्यात की ठोस रणनीति बनाएं. खेती को असली ताकत बनाना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विशिष्ट कार्य कर रहीं संस्थाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएं. इसका इवेंट बने जिससे उनकी अपेक्षाओं और हमारी सोच का आदान-प्रदान हो. जैविक खेती का रकबा हमारे पास ज्यादा है. हमें इसे प्रचारित करना है. इसकी रणनीति बनाएं. अगर हम मार्केटिंग इसकी अच्छे से करेंगे तो आमदनी बढ़ेगी.

एफपीओ पर फोकस करने के निर्देश

सीएम ने कहा कि कोई भी प्रोजेक्ट बने तो बनाते समय हमें उससे संबंधित सभी व्यवस्था करनी चाहिए. जनता के पैसों का सदुपयोग होना चाहिए. किसान संघों ने एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) बनाए हैं, वो आत्मनिर्भर एमपी के रोडमैप के लक्ष्य में शामिल किए जाएं. एफपीओ (FPO) के लिए स्टेट का मॉडल तैयार करें. हम अपने एफपीओ के मॉडल पर चलें. मैं मध्यप्रदेश में एफपीओ बढ़ते देखना चाहता हूं. एक रणनीति बनाएं. जो जरूरत होगी, उसके बारे में चर्चा हो.

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