Madhya pradesh Gan: क्या आप जानते है मध्यप्रदेश गान महज 2 घण्टे में इस सख्स ने लिखा था

खबर अच्छी लगी हो तो निचे दिए गये बटन को दबाकर शेयर करें

Madhya pradesh Gan: क्या आप जानते है मध्यप्रदेश गान किसने लिखा..?

Madhya pradesh Gan: मध्य प्रदेश के लिए 2008- 2009 में कई जाने माने रचनाकारों ने प्रदेशगान के लिखने की कोशिश की। अंततः वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव की रचना को स्वीकृति मिली। संगीत की रचना सुनील झा ने की और इसे शान शांतनु मुखर्जी (बॉलीबुड के युवा गायक) ने गाया। मध्‍यप्रदेश संस्कृति विभाग इस गीत को प्रयाण गीत के नाम से प्रचारित कर रही है। इस गीत से लोग अपने प्रदेश से प्रेम, लगाव, जुडाव का एहसास पाते हैं।

प्रस्तुत है – मध्यप्रदेश गान (Madhya pradesh Gan )

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

विंध्याचल सा भाल नर्मदा का जल जिसके पास है,
यहां ज्ञान विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है।

उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहां अशेष है,
स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है।

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

Madhya pradesh Gan: Do you know Madhya Pradesh anthem was written by this person in just 2 hours

चंबल की कल-कल से गुंजित कथा तान, बलिदान की,
खजुराहो में कथा कला की, चित्रकूट में राम की।

भीम बैठका आदिकला का पत्थर पर अभिषेक है,
अमृत कुंड अमरकंटक में, ऐसा मध्यप्रदेश है।

क्षिप्रा में अमृत घट छलका मिला कृष्ण को ज्ञान यहां,
महाकाल को तिलक लगाने मिला हमें वरदान यहां।

Madhya pradesh Gan
Madhya pradesh Gan,photo by google

कविता, न्याय, वीरता, गायन, सब कुछ यहां विषेश है,
ह्रदय देश का है यह, मैं इसका, मेरा मध्यप्रदेश है।

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

मध्य प्रदेश गान सुख का दाता, सबका साथी, शुभ का यह संदेश है, मां की गोद ,पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है. मध्यप्रदेश के गौरव गान के रचयिता वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने सुनाई इसे लिखने के पीछे की कहानी. उन्होंने बताया कि सीएम में उन्हें इस गान को लिखने के लिए क्यों चुना? चंद घंटों में ही आखिर महेश श्रीवास्तव ने कैसे इस गान को एक ही बार में लिख दिया.

Madhya pradesh Gan,photo by google

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश गान की पूरी कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि सरकार ने सबसे पहले इस गाने को लिखवाने के लिए विज्ञापन जारी किया था. इस विज्ञापन के जरिए कई लोगों ने मध्य प्रदेश गान लिखकर भेजे भी, लेकिन सरकार को यह सभी गान पसंद नहीं आए. इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने महेश श्रीवास्तव से मध्य प्रदेश गान लिखने के लिए कहा. महेश श्रीवास्तव को चुनने का कारण यह था कि वह प्रदेश के हर कोने को बारीकी से जानते थे और इसको लेकर उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं.

खबर अच्छी लगी हो तो निचे दिए गये बटन को दबाकर शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *