Saturday, January 28, 2023
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Janmashtami Kab hai: जन्मस्थान समेत ब्रज में जन्माष्टमी 19 अगस्त को, उदया तिथि में अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र में जन्मेंगे कान्हा

Janmashtami 2022 Kab hai: भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के दिन झांकियां निकाली जाती हैं और दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है।

Janmashtami

When is janmashtami 2022: योगीराज श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, भारत विख्यात द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर समेत समूचे ब्रज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जन्मोत्सव 19 अगस्त को मनाया जाएगा। नंदगांव में जन्मोत्सव की धूम 20 अगस्त को होगी, जबकि इस दिन समूचे ब्रज में नंदोत्सव का उल्लास छाएगा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, लेकिन इस बार कृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं। 18 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 21 मिनट के बाद अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगी, जो 19 अगस्त को रात्रि 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी, जबकि रोहिणी नक्षत्र का आरंभ 19 अगस्त को रात्रि 1 बजकर 54 मिनट से होगा।

इस दिन उदया तिथि में अष्टमी तिथि रहेगी और रात्रि 10: 59 के बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इस दिन अष्टमी और नवमी दोनों रहेंगी। साथ उस दिन कृतिका नक्षत्र बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार 19 अगस्त को कृत्तिका नक्षत्र देर रात 1.53 तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा, इसलिए इस बार जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी नहीं रहेगा। ऐसे में 19 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैसे भी देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों कृष्ण भक्त हमेशा से मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अनुसार ही कृष्ण जन्मोत्सव मनाते आए हैं।

इस बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 19 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव और 20 अगस्त को नंदोत्सव की धूम मचेगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार यहां 19 अगस्त को जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन जयंती योग है। अष्टमी तिथि में जब रोहिणी नक्षत्र आता है, तब श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन चन्द्रोदय भी रात्रि 11.24 पर है, जो अद्भुत संयोग है। भारत विख्यात द्वारिकाधीश मंदिर में भी 19 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा।

कृष्ण जन्मस्थान पर 9 दिवसीय लीला मंचन शुरू

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व श्रीकृष्ण जन्मभूमि में मंगलवार से 9 दिवसीय लीलाओं का मंचन प्रारंभ हो गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के संयुक्त मुख्य अधिशासी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को सुबह 7 बजे चन्द्रावली छलम से उत्सव आरंभ हो गया। 17 की सुबह 7 बजे मीराबाई चरित्र, शाम 7 बजे नरसी का भात , 18 की सुबह 7 बजे गोपाल भगत व शाम 7 बजे अभिमन्यु चरित्र, 19 की सुबह 7 बजे पुष्पांजलि समारोह व शाम 7 बजे कृष्ण जन्म, 20 की सुबह 7 बजे भागवत भवन में नंदोत्सव व शाम 7 बजे नंदोत्सव एवं शंकर लीला, 21 की सुबह 7 बजे करमेती भक्त व शाम 7 बजे श्याम सगाई, 22 की सुबह 7 बजे राम नाम महिमा व शाम 7 बजे गोवर्धन लीला एवं 56 भोग, 23 की सुबह 7 बजे दामा दास व शाम 7 बजे कंस वध, 24 की सुबह 7 बजे नगर भ्रमण भक्त श्रीधर व शाम 7 बजे सुदामा चरित्र आदि लीलाएं होंगीं।

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