NEET में नहीं मिली सफलता लेकिन 27 KG वजन किया कम और बन गई लेफ्टिनेंट पढ़ें विस्तार से।

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अनोखी आवाज: देश के वीर जवानों से अट्रैक्टिव थी ईशु और अंत में देश की सुरक्षा के लिए मन में गहरा भाव लिए नीट की तैयारी करती थी लेकिन नियति का होना कुछ और लिखा था और बन गई लेफ्टिनेंट क्योंकि गांव में वीर शहीदों के बनी प्रतिमाओं को देखकर उनके मन में भी देश की सुरक्षा का भाव जागृत हुआ और अपने वजन को कम करके देश की सुरक्षा में अपने कदम बढ़ा दिए।

कहानी राजस्थान के झुंझुनू जिले से सामने आई है कि अपने दृढ़ इच्छा के साथ यीशु ने 18 वर्ष की उम्र में अपने परीक्षा में 17 वी रैंक लाकर यह दिखा दिया कि वह कितनी ताकत के साथ देश की सेवा में लग रही हैं।

राजस्थान के शेखावटी सेना में जाने के लिए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिलता है। ईशु के गांव से कई लोग सेना में हैं। दादा चाहते थे कि उनकी पोतियां डॉक्टर बनें। इस कारण ईशु ने 12वीं में बायोलॉजी से पढ़ाई की। हालांकि, ईशु को बचपन से ही शहीदों के किस्से सुनने का काफी शौक था। गांव में शहीदों की प्रतिमाएं देख कर उनके मन में भी सेना में जाने की इच्छा जागी और परिवार के सामने इसकी इच्छा व्यक्त की।

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