Crypto Currency Future in India:भारत में क्या है क्रिप्टो का भविष्य? Coinswitch के CBO शरण नायर ने क्या कहा ?

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Cryptocurrency का भारत में भविष्य क्या? जानें 

Crypto Currency Future in India:भारत में Crypto का भविष्य Coinswitch के CBO शरण नायर ने कहा फाइनेंस इंफ्लूएंसर प्रांजल कामरा ने भारत के शीर्ष क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में शामिल CoinSwitch Kuber के चीफ बिजनेस ऑफिसर शरण नायर से बातचीत की. हम यहां कुछ सवाल-जवाब की झलक दे रहे हैं, जो हाल ही में CoinSwitch के Ask Me Anything सेशन में पूछे गए थे. क्रिप्टो का आंतरिक मूल्य कैसे समझ सकते हैं? क्या बिटकॉइन की लिमिटेड सप्लाई को ही उसके स्टोर वैल्यू का आधार मान लेना काफी है? वेब के भविष्य में क्रिप्टो किस तरह की भूमिका निभाएगा? यह कुछ ऐसे सवाल हैं जो हर निवेशक के दिमाग में हैं- चाहे वो पहले से स्टॉक मार्केट में निवेश करते रहे हों या हाल के सालों में क्रिप्टो में निवेश किया हो.  इन सभी सवालों का जवाब ढूंढने और भारत में क्रिप्टो के भविष्य के बारे में ज्यादा जानने के लिए फाइनेंस इंफ्लूएंसर प्रांजल कामरा ने भारत के शीर्ष क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में शामिल CoinSwitch Kuber के चीफ बिजनेस ऑफिसर शरण नायर से बातचीत की. 

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अब इन सारी चीजों को देखते हुए आप बिटकॉइन का मूल्यांकन कर सकते हैं. मैं फाइनेंस का बंदा नहीं हूं और (हंसते हुए) टेक का बंदा होने के नाते मैं तो इसकी वैल्यू ऐसे ही निकालूंगा.

क्या बिटकॉइन की लिमिटेड सप्लाई के आधार पर इसका स्टोर वैल्यू काफी है?

शरण : अगर हम इंटरनेट का उदाहरण लें तो… जब यह शुरू हुआ था तो बहुत सी आलोचनाएं थीं, खासकर डार्क वेब के खिलाफ. ऐसी धारणा बनाई गई कि इंटरनेट ऐसी जगह है, जहां लोग बुरे से बुरे काम कर सकते हैं. उस वक्त लोगों के पास इस बारे में चिंता के स्वाभाविक कारण थे, और इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. यहां तक कि मैं खुद भी शक्की हुआ करता था. क्रिप्टो के लिए हम नहीं कह सकते कि यह इतना फुलप्रूफ है कि इसके जरिए कोई गलत गतिविधि नहीं हो सकती है, लेकिन इतना निश्चित है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए यह कोई सुरक्षित जगह भी नहीं है. और ऐसा क्यों है? क्योंकि यह इकोसिस्टम ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शन का परमानेंट रिकॉर्ड स्टोर रखता है- ये रिकॉर्ड न मिटाए जा सकते हैं, न ही बदले जा सकते हैं. तो अगर कोई भी फ्रॉडस्टर, किसी धोखाधड़ी को अंजाम देकर निकल जाता है, तो भी आगे चलकर वो पकड़े जाएंगे. आज या कल, उनको पकड़ने का रास्ता खुल जाएगा.

क्रिप्टो भविष्य के इंटरनेट को कैसे पावर अप करेगा?

अगर आज हम देखें तो पाएंगे कि कंज्यूमर्स कॉन्टेंट नहीं तय कर रहे हैं, बल्कि YouTube, Google, Spotify जैसे प्लेटफॉर्म्स के सेंट्रलाइज़्ड सर्वर, जो कॉन्टेंट स्टोर करते हैं, वो तय करते हैं कि कॉन्टेंट क्या हो. तो यह साफ है कि ये कंपनियां अपनी मर्जी और जरूरत के हिसाब से जो भी चाहें रिमूव कर सकती हैं प्लेटफॉर्म से, इसलिए Web 3.0 अहम हो जाता है.  यह सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को हटा देगा और फिर यूजर्स के हाथ में होगा कि वो क्या क्रिएट और कंज्यूम करना चाहते हैं.  Web 3.0 का सर्वर डिसेंट्रलाइज़्ड होगा, जिसका मतलब है कि बहुत से लोग डिसेंट्रलाइज़ तरीके से इसमें पार्टिसिपेट कर सकते हैं और इनफॉर्मेशन को स्टोर कर सकते हैं. और इन लोगों के पार्टिसिपेट करने, यानी कि अपने कंप्यूटर पर डेटा स्टोर करने के लिए उनकी सहमति देने का मतलब है कि उन्हें इसके लिए इंसेंटिव मिलेगा, क्योंकि तब वो यह फ्री में क्यों करेंगे? और क्रिप्टो असेट्स को इंसेंटिव की तरह इस्तेमाल किया जाएगा.

क्रिप्टो के बारे में जानने वाले हर ऐसे शख्स को जिसे मैं जानता हूं, उसने इसके प्राइस अप्रीसिएशन को लेकर ही इसके बारे में सुना है, और यही सच्चाई है. यह अपनी टेक्नोलॉजी को लेकर उतना फेमस नहीं है, जितना इतने कम समय में अपने प्राइस ग्रोथ को लेकर है, और इसीलिए लोग इस इंडस्ट्री की तरफ खिंचे हुए आ रहे हैं. 

इस कम्युनिटी का हिस्सा बनने के बाद लोगों ने पहले इसका स्वाद चखने के लिए थोड़े पैसे लगाए, इसके बाद वो लगातार सीखते रहते हैं, चाहे सोशल मीडिया पर ग्रुप्स जॉइन करके, या हमारा कॉन्टेंट देखकर, वो सीख रहे हैं तो वो रुकते हैं.

क्रिप्टो पर लग रहे 30 फीसदी टैक्स को आप कैसे देखते हैं?

यह तथ्य कि अब क्रिप्टो को टैक्सेशन के अंडर में लाया जा रहा है, इसको वैधता देने की ओर पहला कदम है. और अगर कुछ साल पहले क्रिप्टो की जो हैसियत थी, उसे देखा जाए तो  मुझे लगता है कि यह बड़ी बात है.

टैक्सेशन से लोगों में इसमें शामिल होने का कॉन्फिंडेस आएगा. अच्छी बात है कि अब हमें सरकार के इरादे पता हैं. कुछ लोगों का कहना है कि क्रिप्टो पर टैक्स लगाने का इसकी वैधता से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हमने ऐसा कभी नहीं देखा कि किसी चीज को अवैध भी माना जाए और उसपर टैक्स भी लगाया जाए. तो मेरा यह पक्का विश्वास है कि टैक्सेशन ही आखिरकार रेगुलेशन का रास्ता भी तय करेगा और इसपर बैन लगाने का मतलब होगा, मानो इंटरनेट पर बैन लगाना.

हां, जितना टैक्स लग रहा है यानी- 30% टैक्स और Tax Deducted at Source (TDS)पर 1% का टैक्स- चिंता वाली बात है. बहुत से ट्रेडर्स इसे लेकर खुश नहीं थे.  लेकिन मुझे इस बात से भी शांति मिलती है कि हमारी सरकार सुनती है. हम आमतौर पर हमेशा टेक्नोलॉजी को स्वीकारने और रेगुलेट करने में पीछे रहते हैं, लेकिन इस मामले में भारत ने काफी तेजी दिखाई है, और मुझे इस बात की सच में बहुत खुशी है.

अगले पांच सालों में आप क्रिप्टो को कहां देखते हैं?

मैंने लोगों को क्रिप्टो को गैरकानूनी बताने और ये सुनने कि मैं पॉन्ज़ी स्कीम चला रहा हूं, से लेकर स्मार्ट से स्मार्ट लोगों को क्रिप्टो में पैसा लगाते हुए देखा है. ये देखकर अच्छा लगता है कि हमने इतना लंबा सफर तय किया है. सरकार को देखिए जो कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट से लेकर जमीन के कागजात ब्लॉकचेन पर डाल रही है. तो अगर आज के हिसाब से देखें तो अगले पांच सालों में ये विकास इससे भी 10 गुना तेज गति से होगा, क्योंकि अब बहुत से लोग इसे शक की निगाह से नहीं देखते हैं, और अब आगे बढ़ने के लिए इसके पास जरूरत की सारी चीजें हैं. 

क्या आप हमेशा फाइनेंस सेक्टर में दिलचस्पी रखते थे?

इंटरनेट की एक कहावत है: I didn’t choose the thug life, the thug life chose me! खैर, क्रिप्टो मेरे लिए वैसा ही है. मैं भी जब क्रिप्टो की दुनिया में घुसा तो बहुत कुछ नहीं पता था. क्रिप्टो को लेकर मैं भी बहुत कम जानता था, लेकिन वक्त के साथ, ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात करने के साथ-साथ मुझे सारे कॉन्सेप्ट्स समझ में आने लगे, और फिर मुझे इससे प्यार हो गया.

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अलग-अलग तरीके के इस्तेमाल को लेकर आपकी क्या धारणा है?

ब्लॉकचेन लोगों की आम जिंदगी बदल देगा. इससे लोगों को पता चलेगा कि डिसेंट्रलाइजेशन क्यों इतनी अहमियत रखता है. बड़ी टेक कंपनियां आमतौर पर लोगों को एक बबल में रखते हैं, जिससे उनकी फैसला लेने की क्षमता प्रभावित होती है. डिसेंट्रलाइजेशन से वो ऐसी दुनिया में जा सकते हैं, जहां उनके फैसलों या कॉन्टेंट की पसंद को कोई प्रभावित नहीं कर सकता है.

डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) ने बैंकों के मुकाबले सेकेंडों में लोन लेने को आसान बना दिया है. और आप ऐसा अपनी पहचान उजागर किए बिना कर सकते हैं. ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की यही बात मुझे बहुत उत्साहित करती है. बैतूल समाचार निवेश की सलाह नहीं देता है। निवेश से पहले किसी भी एक्सपर्ट से सलाह अवश्य ले।

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