Aadhaar से पैसे निकालने के नियम में हुआ बदलाव, जानिए कितना निकाल सकते है

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नई दिल्ली: क्या आपके पास भी आधार कार्ड है…अगर हां तो अब आपको पैसों के लिए बिल्कुल भी परेशान नहीं होना पड़ेगा क्योंकि अब आप आधार की मदद से भी पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपका आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना जरूरी है. ग्राहक Aadhaar इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) सर्विस के जरिये बैंक में जमा रकम को निकाल सकते हैं. इस समय देश के करोड़ों लोग अब एटीएम कार्ड या पिन के बिना बैंकिंग लेनदेन कर रहे हैं.

दरअसल, नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने आधार से जुड़े ट्रांजेक्शन (AePS transaction) की लिमिट सेट कर दी है. इस लिमिट के  फिक्स्ड होने से आधार से चलने वाले पेमेंट सिस्टम से अब आप निर्धारित संख्या में ही पैसे निकाल सकेंगे.

आपको बता दें कि पहले ट्रांजेक्शन लिमिट 50,000 रुपये तक थी. फिर इसके बाद इसे जुड़े फिर और नए नियम जोड़ दिए गए हैं. लेकिन ऐसे में इस दौरान सबसे ज्यादा कोरोना काल में आधार से ट्रांजेक्शन की सुविधा तेजी से बढ़ी है. क्योंकि लोगों ने अपनी नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए आधार से चलने वाली मशीनों का अधिक उपयोग किया है. जैसे कि माइक्रो एटीएम (micro ATM) या पीओएस मशीन (POS) से बेहद आसानी से पैसा प्राप्त किया है.

इसके साथ ही आपको बता दें  कि NPCI ने नकद निकासी और मिनी स्टेटमेंट पाने की भी एक फिक्स्ड लिमिट तय किया है. यही नहीं नई गाइडलाइंस के जरिये जो बैंक आधार से माइक्रो एटीएम या पीओएस मशीन चलाते हैं (एक्वायरिंग बैंक) और ग्राहकों को कैश देते हैं, अब उन्हें पर डे ग्राहक के के मुताबिक अधिकतम 5 कैश विड्रॉल करने की सुविधा देंगे. अर्थात आधार (Aadhaar) से चलने वाले किसी टर्मिनल पर एक दिन में ग्राहक ज्यादा से ज्यादा 5 बार पैसे निकाल सकता है.

5 कैश निकासी की सुविधा
नई गाइडलाइन्स में प्रत्येक ग्राहक को हर महीने कम से कम 5 बार कैश निकालने की सुविधा दी जाएगी. ठीक इसी तरह हर ग्राहक को एक महीने में एटीएम या पीओएस मशीन से कम से कम 5 मिनी स्टेटमेंट निकलने की सुविधा मिलेगी. NPCI का कहना है कि इससे जुड़ा नियम 15 जनवरी 2022 से लागू हो जाएगा. इस तरह के ट्रांजेक्शन आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम या AePS के द्वारा किये जाते हैं. जिसे एनपीसीआई ने बनाया है. बता दें एईपीएस ऐसा सिस्टम है जो लोगों को उनके आधार नंबर और उनके फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन की हेल्प से वेरिफिकेशन करता है और माइक्रो एटीएम से पैसे निकालता है.

Businessline.com की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर किसी बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट, एजेंट या मर्चेंट के जरिए आधार से पैसों का कोई भी ट्रांसजेक्शन करते हैं, तो ग्राहक को डबल फैक्टर वेरिफिकेशन करना होगा.  इसके लिए आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है. एनपीसीआई ने मार्च 2021 में बैंकों से एक महीने में प्रति ग्राहक 5 मिनी स्टेटमेंट का नियम लागू करने को कहा था. ऐसे में यदि 5 बार के बाद अगर कोई ग्राहक मिनी स्टेटमेंट निकलवाना चाहता है तो या तो बैंक मना कर देता है या अधिक चार्ज लेता है.

एईपीएस लेनदेन
एईपीएस से जुड़े कोई भी ग्राहक माइक्रो एटीएम से प्रति लेनदेन 10,000 रुपये तक का ट्रांजेक्शन निकाल सकता है. वहीं COVID के दौरान AePS से पैसे निकालने तेजी से बढ़ा है. दिसंबर 2021 में AePS के जरिए 25,860.92 करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ 9.6 लेनदेन किए गए. इस सुविधा में जिस बैंक खाते से आधार जुड़ा हुआ है, उससे पैसा निकाला जाता है. आधार से जुड़े लेनदेन करने के लिए बैंक खाता संख्या की आवश्यकता नहीं होती है. आधार नंबर के जरिये लोग एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे आसानी से भेज सकते हैं. वहीं इस लेनदेन के लिए खाताधारक को केवल अपना फिंगरप्रिंट लगाना होगा.

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