Wednesday, February 8, 2023
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Marketमें ग्राहक के लिए बड़ी खुशखबरी सरसों के तेल में आई गिरावट और रिफाइंड के भाव सामान

Market में बुरी तरह गिरे सरसों के तेल और रिफाइंड के भाव सामान की कीमत जब बढ़ती हैं तो दुकानदार हाथों हाथ ग्राहक से बढ़ी हुई कीमत वसूलने लगते हैं लेकिन जब दाम कम होते हैं तो ग्राहक को इसका लाभ नहीं मिलता. सरसों के Oil और रिफाइंड के Price को लेकर भी ऐसा ही खेल बाजारों में देखा जा रहा है. पांच-छह महीने पहले तक सरसों और रिफाइंड के दाम आसमान छू रहे थे लेकिन अब उनमें काफी कमी हो चुकी है लेकिन Rate जितने कम हुए है उतना लाभ ग्राहकों को नहीं होगा रहा

दाम घटाने में जानबूझकर देरी करते हैं दुकानदार 

Market छह महीने पहले का देखें तो सरसों के तेल के दाम आसमान छू रहे थे. सरसों का तेल 180 से 200 रुपये लीटर तक पहुंच गया था. लोगों के लिए रसोई चलाना तक मुश्किल हो गया था. रिफाइंड का भी यही हाल था. तीन महीने पहले से सरसों और रिफाइंड के दाम कम होने लगे. सरसों के तेल का Rate थोक में जहां 130 रुपये रुपये लीटर तक पहुंच गया था वहीं रिफाइंड के भाव भी लगभग इतने ही हो गए थे.

photo by google

दुकानदार पुराने Print Rate का बेचते हैं सामान  

Marketइसके बावजूद भी ग्राहकों को सरसों का तेल 155-160 रुपये किलो बेचा जा रहा था. बीते तीन दिनों के दौरान सरसों के Oil और रिफाइंड के दाम 10 से 15 रुपये बढ़े है. थोक में सरसों के तेल के दाम 140-144 रुपये प्रति किलो हैं. वहीं रिफाइंड के दाम 150 रुपये लीटर के आसपास है.

Marketमें ग्राहक के लिए बड़ी खुशखबरी सरसों के तेल में आई गिरावट और रिफाइंड के भाव सामान

वहीं Retail में आज भी सरसों के तेल को 160-162 रुपये किलो और रिफाइंड को भी 155-160 रुपये लीटर तक बेचा जा रहा है. इतना ही नहीं बहुत से दुकानदारों के पास तो पुराने Print रेट का ही सामान पड़ा हुआ है वह ग्राहक को बिना बताए पुराने बढ़े भाव पर ही तेल बेच रहे हैं.

Market
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Market जिस अनुपात में महंगाई कम होती है उस अनुपात में ग्राहकों को उसका लाभ नहीं मिलता. दुकानदार जानबूझकर दाम घटाने में देरी करते हैं. परशुराम कालोनी के रवि कुमार ने कहा कि, यह बात पूरी तरह सटीक है कि रिटेल के दुकानदार मनमानी करते है.

सिर्फ सरसों व रिफाइंड तेल में ही नहीं, अन्य जिस भी सामान के भाव कम होते हैं दुकानदार उनको तुरंत कम नहीं करते बल्कि कई दिनों तक पुराने भाव पर ही सामान देते है. इसको लेकर Monitoring एजेंसी होनी चाहिए ताकि ग्राहकों को सामान सस्ता होने पर भी तुरंत लाभ मिले. ग्राहक को महंगाई कम होने का लाभ बहुत देर से मिलता है

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