सावधान! बोतल बंद पानी बन सकता हैं कैंसर की वजह, जानें कैसे

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बोतल बंद पानी दे सकता है कैंसर

नई दिल्ली। गर्मियों में प्यास बुझाने के लिए लोग बोतल बंद पानी को सुरक्षित मानते हैं परन्तु विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है कि तापमान बढ़ने की वजह से इन बोतलों से खतरनाक केमिकल पानी में घुलने लगते हैं और कैंसर जैसी बीमारियों की वजह बनते हैं। बोतलबंद पानी लिवर और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी दे सकता है। जिसके दुष्प्रभाव ताउम्र झेलना पड़ सकता है।प्लांट में पानी भरने से लेकर बेचने तक सुरक्षा व सफाई से जुड़े मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता। इस तरह, जहां अवैध प्लांट की वजह से भूगर्भ जलस्तर घट रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है। लेकिन, इनपर कार्रवाई करने की जगह नगर निगम पानी माफिया का रजिस्ट्रेशन करने की योजना बना रहा है।अवैध रूप से आरओ प्लांट लगाकर पानी सप्लाई करने वाले पानी माफिया का जाल साल दर साल बढ़ता जा रहा है।

गाजियाबाद में पानी का कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक का हर साल होता है। इसमें वैध पानी विक्रेता से अधिक अवैध पानी विक्रेता हैं जो मिनरल वॉटर के नाम पर ग्राउंड वॉटर को निकालकर शहर के अलग-अलग हिस्से में सप्लाई कर रहे हैं।
पिछले दिनों सैंपल में ऐसे कई मिनरल वॉटर सप्लाई करने वालों का सैंपल फेल हो चुका है। खास बात यह है कि जिले में 8 लोगों ने मिनरल वॉटर बेचने का लाइसेंस ले रखा है जबकि 100 से अधिक लोग मिनरल वॉटर बेचने का काम कर रहे हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से ऐसे किसी भी अवैध भूजल दोहन करके पानी की सप्लाई करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।

बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करने के बाद लोग उस बॉटल का फिर से प्रयोग करते हैं, जबकि उसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक देना चाहिए। यह बात बोतल पर भी लिखी होती है, क्योंकि जिस स्तर के प्लास्टिक से इसका निर्माण किया जाता है। बार-बार उसका प्रयोग करने से वह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होता है। प्लास्टिक की बोतल बनाने में कुछ जहरीले केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है। इन केमिकल का इस्तेमाल एक सामान नहीं होता है। इसलिए प्लास्टिक की बोतल पर एक कोड दिया जाता है। जिसे देखकर बोतल के इसेतामल के बारे में पता चल सके।

यह कोड 1 से 7 नंबर तक होता है। वह बताती हैं कि जिस बोतल पर 2, 4 और 5 नंबर का कोड लिखा हो वह अन्य प्लास्टिक के मुकाबले ठीक होता है लेकिन लंबे समय तक यूज करने पर वह भी ठीक नहीं है। एक्सपर्ट की माने तो जब भी आप कोई भी प्लास्टिक से बने सामान को खरीदते हैं या इस्तेमाल करते हैं तो आपने देखा होगा कि बोतल या बाल्टी पर एक त्रिभुज आकार से घिरा नंबर दिखता है। इसे रेजीन आइडेंटिफिकेशन कोड कहते हैं। अधिकतर ये बोतल या डिब्बे के नीचे होता है। कभी-कभी ये कोड प्लास्टिक से बने समान में कहीं और भी होता है।

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